Balaghat Express
January 03, 2018   01 : 07 : 06 AM

13 साल इंतजार के बाद भी नहीं बदला जा सका युवती का लीवर, मौत

Posted By : Admin

राजगढ़। 13 साल तक हर्षा केवल इसी उम्मीद के साथ जीती रही कि आखिर कोई ऐसी सुबह भी होगी जब उसका लीवर ट्रांसप्लांट हो जाएगा और लीवर बदलने के साथ ही वह फिर से सामान्य जिंदगी जी पाएगी। हर सुबह इसके साथ उसकी आंखें खुलती थी, लेकिन फिर उसकी आंखें नम हो जाती थीं, उसे उम्मीद थी कि शायद सरकार या फिर कोई उसकी मदद कर पाएंगे लेकिन ऐसा हो न सका और वह जिन्दगी की दौड़ में हार गई। मंगलवार तड़के इंदौर स्थित सीएचएल अपोलो में हर्षा का निधन हो गया। उल्लेखनीय है कि खिलचीपुर निवासी हर्षा पति सुनील शर्मा सितंबर

2004 से हेपेटायटिस एवं सिरोसिस नामक बीमारी से पीड़ित है। वह इन 13 सालों में भोपाल, इंदौर व दिल्ली में इलाज करा चुकी है। वर्तमान में लीवर ट्रांसप्लांटेशन के लिए दिल्ली की ग्लोबल हास्पिटल व इंदौर की सीएचएल अपोलो अस्पताल इंदौर में रजिस्ट्रेशन था लेकिन फिर भी लीवर ट्रांसप्लांटेशन नहीं हो सका। छह साल के बेटे की खातिर मांग रही थी मदद हर्षा अपने पीछे छह साल का मासूम बेटा छोड़ गई है। बेटे से हर्षा को एवं हर्षा से बेटे को खास लगाव था। वह बार-बार अपने मासूम बेटे की खातिर लीवर व मदद की मांग करती थी लेकिन उसे न लीवर मिला और न मदद। सीएम से मांग थी इच्छा मृत्यु , सीएमएचओ गई पर हुआ कुछ नहीं थक हार कर परेशान हर्षा ने सीएम को लिखे आवेदन में कहा था कि मेरी फाइल का अवलोकन कराकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य आयुक्त को मेरे लीवर ट्रांसप्लांटेशन कराने के लिए आदेश प्रदान करें। मेरा इलाज कराया जाए, नहीं तो उपचार के अभाव में एक भांजी इलाज के अभाव में जीवन त्याग देगी। मेरे छोटे 6 साल के बेटे की खातिर मेरा इलाज करा दो। यदि ऐसा नहीं हो पाए तो इच्छा मृत्यु की इजाजत दें। उक्त मामले को नवदुनिया ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशन के बाद आनन-फानन में सीएमएचओ डा. अनुसुईया गवली हर्षा के घर पहुंची थीं व मदद का आश्वासन दिया था, लेकिन कुछ नहीं हो सका।

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