Balaghat Express
January 03, 2018   03 : 04 : 21 AM

चिकित्सको΄ ने मनाया काला दिवस

Posted By : Guddusing Gond

बालाघाट(पद्मेश)। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा नेशनल मेडिकल काउंसिल बिल के विरोध में आंदोलन छेड़ दिया गया है। इसका विरोध देशभर में आईएमए संगठन द्वारा किया जा रहा है इसका असर आज नगर में भी देखा गया। एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति से जुड़े समस्त चिकित्सकों द्वारा उक्त बिल पर विरोध जताया गया। प्रायवेट चिकित्सकों द्वारा दिनभर सुबह से शाम तक अपने क्लिनिक व नर्सिंग होम की ओपीडी बंद रखी गयी वहीं शासकीय चिकित्सकों ने कालीपट्टी बांधकर सेवाये देते हुये अपना विरोध दर्ज कराया। आईएमए संगठन ने आज कार्य बं

रखकर काला दिवस के रूप में विरोध जताने के कारण प्रायवेट क्लिनिक व नर्सिंग होम में स्वास्थ्य जांच कराने पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, यह कहे कि मरीजों को बिना जांच पड़ताल कराये वापस लौटना पड़ा। इसी के संदर्भ में आज दोपहर में नगर के अंबेडकर चौक स्थित वैनगंगा क्लब में आईएमए बालाघाट की बैठक आहुत की गई जो आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनिता पाराशर के प्रमुख उपस्थिति में हुई। जिसमें आईएमए पदाधिकारियों द्वारा एनएमसी बिल के दूरगामी दुष्प्रभाव पर चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस बिल के विरोध में समस्त चिकित्सक आज के दिन को काला दिवस के रूप में मनायेेंगे तथा आज सिर्फ इमरजेंसी पेसेंट ही देखे जायेंगे। बैठक में आईएमए अध्यक्ष डॉ. श्रीमती पाराशर के अलावा पूर्व अध्यक्ष डॉ. रागिनी पारधी, डॉ. लोकरे, मैडम लोकरे, डॉ. खरे, डॉ. संभारे, डॉ. प्रवीण ज्योतिषी, डॉ. आरके पंडया, डॉ. रोहित गुप्ता, डॉ. अभिनव श्रीवास्तव, डॉ. पुष्पा धुर्वे, डॉ. नरेन्द्र बोकड़े सहित अन्य िचिकित्सकगण मौजूद थे। बिल में सुधार नहीं हुआ तो अच्छे डाक्टर मिलना बंद हो जायेंगे-पाराशर आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनिता पाराशर ने बताया कि सरकार ने एक नया उक्त बिल लायी है जिसके कुछ विषय एलोपेथिक विधा चिकित्सा के खिलाफ जा रहे है इसका विरोध हम काला दिवस के रूप में मनाकर कर रहे है। पूरे भारत में आईएमए ने निश्चय किया है सुबह छ: बजे से शाम छ: बजे तक कोई पेसेंट नहीं देखेेंगे सिर्फ इमरजेंसी सेवाये दे सकेंगे। लेकिन जो सरकारी डाक्टर है वो काली पट्टी लगाकर काम कर सकते है। इस बिल में यह भी है कि एक ब्रिज कोर्स करके कोई भी झोलाझाप किसी भी पैथी का डाक्टर एलोपैथिक की प्रेक्टिस कर सकता है जो सर्वथा अनुचित है। मेडिकल माफिया को बढ़ावा मिलेगा, इस बिल की घोर निंदा कर भारत सरकार को आगाह करत ेहै इससे आने वाले समय में सेवाये चरमरा जायेगी, अच्छे डॉक्टर मिलने बंद हो जायेेंगे तथा देश की छवि धूमिल होगी। इस बिल को सुधार नहीं किया गया तो इस स्ट्राईक को आगे बढ़ाने के लिये सोच सकते है। शासकीय चिकित्सकों ने कालीपट्टी लगाकर जताया विरोध एनएमसी बिल का शासकीय चिकित्सकों ने कालीपट्टी लगाकर विरोध जताया। जिला अस्पताल में कार्यरत समस्त चिकित्सकों ने कालीपट्टी लगाकर सेवाये दी। इस दौरान डॉ. आरक ेमिश्रा ने कहा कि सरकार की दमनकारी नीतियां हम लोगों के खिलाफ चल रही है। डॉक्टरों की पोस्टिंग नहीं की जाती और एक ही डॉक्टर सेपूरा काम कराते है जिसके कारण डॉक्टर पर दबाव बनता है। इसी प्रकार डॉ. अशोक लिल्हारे ने कहा कि पूरा चिकित्सक समुदाय इस बिल का विरोध कर रहा है। यह बिल चिकित्सक समुदाय के लिये बहुत कष्टप्रद है जिनको चिकित्सा का ज्ञान नहीं है उनको एलोपैथिक मेडीसीन में एथेराईजेशन करना एलोपैथिक चिकित्सा समुदाय के लिये शर्मनाक बात है। जबरदस्ती नियम कानून थोपने को लेकर शासकीय चिकित्सक काली पट्टी लगाकर रोष व्यक्त कर रहे है। ये है प्रमुख मांगें आईएमए द्वारा जिन प्रमुख विषयों को लेकर विरोध किया जा रहा है उनमें ब्रिज पाठयक्रम को बढ़ावा मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं पर दुष्प्रभाव, अनुचित एवं भ्रष्ट चिकित्सा शिक्षा प्रणाली, नेशनल एग्जिट परीक्षा छात्रों पर अत्यधिक तनाव व दबाव, किसी भी आयुष, होम्योपैथ अथवा यूनानी डाक्टर को ब्रिज पाठयक्रम कराकर उसे एलोपैथी की प्रेक्टिस की इजाजत देना, देश की जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करना होगा साथ ही प्राइ्रवेट मेडिकल कालेज को अपने तरीके से ६० प्रतिशत सीटों पर फीस निर्धारित करने देना जो सर्वथा अनुचित है। क्योंकि तब सभी मेडिकल कालेज अपनी मर्जी की फीस वसूलेेंगे, जिसमें आम आदमी के लिये चिकित्सा शिक्षा एक दूर का सपना बनकर रह जायेगी सहित अन्य मांगे शामिल है।

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