Balaghat Express
June 21, 2018   02 : 39 : 19 AM

पुलिसकर्मी आंदोलन : सख्ती के बीच वायरल पत्रों ने उड़ाई अफसरों की नींद

Posted By : Admin

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पुलिसकर्मियों के परिवार 25 जून को 12 सूत्री मांग को लेकर राजधानी में बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस प्रदर्शन को रोकने के लिए डीजीपी से लेकर पुलिस के आला अफसर लगे हुए हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी एसपी को गोपनीय पत्र जारी किया गया है। इसमें पुलिसकर्मियों को ऐसा नहीं करने की सलाह दी जा रही है। वहीं, नौकरी से बर्खास्त करने तक की चेतावनी दी जा रही है। हालांकि सरकार की सख्ती का असर पुलिसकर्मियों पर होता नजर नहीं आ रहा है। सरगुजा, महासमुंद, दुर्ग सहित कई जिलों में

पुलिसकर्मियों के परिवार वाले तख्तियों के साथ रैली निकाल रहे हैं। इस बीच, सोशल मीडिया में कई जिलों से पुलिसकर्मियों के ऐसे संवेदनशील पत्र सामने आ रहे हैं, जो सरकार के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। रायगढ़ एसपी को एक आरक्षक ने पत्र लिखा है, जिसमें लिखा कि मेरी पत्नी ऊंचे खानदान और राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखती है, जिसके कारण मैं उनके आदेशानुसार काम करता हूं। मैं पुलिसकर्मियों के धरने में शामिल नहीं होना चाहता, लेकिन वह शामिल होना चाहती है। उसे रोकने के लिए डराने-धमकाने और मारने-पीटने की आवश्यकता है, लेकिन उनका मायका राजनीतिक रसूख वाला है, जो मेरे खिलाफ मामला दर्ज करा सकता है। मुझे मेरी पत्नी को डराने, धमकाने और पीटने की अनुमति दें, ताकि उसे धरने में शामिल होने से रोक सकूं। वहीं, बलरामपुर के एक प्रधान आरक्षक ने लिखा कि मेरी बीबी बोलती है आंदोलन के लिए रायपुर जाउंगी। अपने बच्चों को सम्हालो। मैं डर गया हूं, सही में जाएगी तो कौन बच्चा सम्हालेगा। दो दिन की छुट्टी दीजिए, ताकि बच्चों की देखभाल कर लूं। कहीं गलत नाम, तो कहीं सही निकला पत्र रायगढ़ एसपी दीपक झा ने कहा कि इस नाम का कोई भी आरक्षक जिले में पदस्थ नहीं है। वहीं, बलरामपुर एसपी टीआर कोशिमा ने कहा कि प्रधान आरक्षक पदस्थ है, हम जानकारी ले रहे हैं। यह पत्र उसे लिखने की जरूरत क्यों पड़ी है।

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