Balaghat Express
July 16, 2018   02 : 06 : 35 AM

'कीचड़ के कारण ग्रामीणों के लिये 'आफत बन गई सड़क

Posted By : Mohsin Khan

लालबर्रा (पद्मेश)। 'लालबर्रा के विकास में मील का पत्थर साबित होने वाला निर्माणाधीन लालबर्रा-समनापुर मार्ग ठेकेदार की सुस्त कार्यप्रणाली व विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण पिछले एक सप्ताह से बंद पड़ा हुआ है, इस मार्ग पर तीन प्रमुख हिस्सों में फैला 'कीचड़Ó हजारों ग्रामीणों के लिये 'आफतÓ बन गया है जिसके कारण सर्वाधिक उपयोग में आने वाले इस मार्ग से होकर पैदल चलना भी मुश्किल हैÓ- विदित हो कि नगर मुख्यालय लालबर्रा से अमोली-बम्हनी-समनापुर तक लगभग २० करोड़ की लागत से नवीन

ड़क का निर्माण गुजरात की वीआरएस कंपनी के द्वारा करवाया जा रहा है जिसमें ठेकेदार के द्वारा सड़क निर्माण के नाम पर वैनगंगा नदी के किनारे स्थित खेतों में जमकर खुदाई की गई एवं खेत की मिट्टी को डंपरों के माध्यम से लाकर सड़क में डाल दिया गया जिससे बारिश होते ही सड़क में तीन स्थानों पर भयंकर कीचड़ बन गया है, अब हालात यह है कि आधा सैंकड़ा ग्रामों को जोडऩे वाली इस सड़क से वाहनों का निकलना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है वहीं खेती-किसानी के महत्वपूर्ण समय में किसानों को अपने खेत तक जाने के लिये कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। ग्रामीणों से मिल रही शिकायतों के पश्चात मार्ग का जायजा लेने पहुंची पद्मेश की टीम ने पाया कि दलदलनुमा कीचड़ की वजह से इस मार्ग से होकर गुजरने वाले ग्रामीणों व स्कूली छात्र-छात्राओं को अन्यत्र मार्गों से लगभग १०-१२ किमी. लंबा फेरा लगाकर आना-जाना करना पड़ रहा है इसके अलावा ठेकेदार के द्वारा खेतों से पानी निकासी हेतु मनमाने ढंग से पाइप लगाये गये है जिससे लगभग १० एकड़ खेती जलमग्न हो गई है। इस मार्ग पर कीचड़ के कारण पिछले एक सप्ताह से ठेकेदार के भारी वाहन भी फंसे हुए है जो प्लांट तक नहीं पहुंच पा रहे है एवं कार्य बंद हो गया है। हम आपको बता दें कि बजरंग मंदिर अमोली, ढूटी नहर की पुलिया तथा ददियाटोला के समीप दलदलनुमा कीचड़ फैला हुआ है जिससे पूरा मार्ग बंद हो गया है, ऐसी स्थिति में परेशान हो रहे बज्चों, किसानों व ग्रामीणों में ठेकेदार के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों का कहना है कि सड़क में इस कदर कीचड़ है कि चलना मुश्किल हो रहा है जिससे वे खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे है, ग्रामीणजन बारिश में कैसे आना-जाना करेंगे इसकी चिंता ना तो ठेकेदार को है ना ही अधिकारियों को और ना ही नेताओं को है। ग्रामीणों ने बताया कि यह हालात ठेकेदार की लापरवाही के कारण निर्मित हुए है, यदि ठेकेदार समय रहते खेत से लाई गई कनारी मिट्टी के उपर गिट्टी बिछा देता तो यह समस्या उत्पन्न ही नही होती। ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार से जेसीबी चलाकर कीचड़ हटाने एवं गिट्टी डलवाने के लिये कहा गया था लेकिन किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया जा रहा है, यदि ठेकेदार के द्वारा समय रहते मार्ग को आने-जाने लायक नहीं बनाया गया तो उग्र आंदोलन किया जायेगा। आधा सैकड़ा गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूटा लालबर्रा-अमोली-समनापुर मार्ग सुलभ आवागमन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है जो बालाघाट व परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र को जोड़ता है। राहगीरों व वाहन चालकों को इस मार्ग का उपयोग करने से समय की बचत के साथ ही राशि भी कम खर्च होती है और जब से पोटियापाट उज्चस्तरीय पुल बनकर तैयार हुआ है तब से अधिकतर लोग इसी मार्ग का उपयोग करते है लेकिन वर्तमान में ठेकेदार की लापरवाही से दोनों विधानसभा क्षेत्र के लगभग आधा सैंकड़ा गांव में निवासरत ग्रामीणों का आवागमन दुभर हो गया है। लालबर्रा क्षेत्र के ग्राम बम्हनी, ददिया, आमाटोला, डोरली, घोटी, अतरी, बबरिया, कटंगा, छिंदलई, मुरझड़, देवरी, खामघाट व कौडिय़ा सहित अन्य ग्रामों के ग्रामीणों का सीधा संपर्क मुख्यालय से टूट गया है एवं उन्हे मार्ग बदलकर आवागमन करना पड़ रहा है जिससे लालबर्रा मुख्यालय पहुंचने में भारी तकलीफ हो रही है। कीचड़ के कारण मार्ग बंद होने से इस रूट पर ग्रामीणों के हित में चल रही बसें भी बंद हो गई है। आठ महीने में नही लग पाया सूचना बोर्ड विदित हो कि सड़क का कार्य शुरू हुए लगभग आठ महीने बीत चुके है परंतु इसके बावजूद अब तक ठेकेदार के द्वारा निर्माण कार्य से संबंधित सूचना बोर्ड नही लगवाया गया है जिससे आम नागरिकों को कार्य की लागत, मजदूरी दर, कार्य प्रारंभ होने की तिथि, कार्य पूर्ण होने की तिथि, कार्य एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबरों की कोई जानकारी नही है जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकारियों ने ठेकेदार को पूरी तरह से अनियमितताएं करने की खुली छूट दे दी है। सड़क में जगह-जगह पर कीचड़ जमा हो गया है परंतु आवागमन करने वाले लोगों की सुरक्षा हेतु आज तक किसी प्रकार के खतरे का निशान या लाल झंडी भी नही लगाई गई है। खेतों तक पहुंचना हो रहा मुश्किल - कत्तूलाल अमोली निवासी कृषक कत्तूलाल कावरे ने बताया कि सड़क पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो गई है जिससे आना-जाना मुश्किल हो गया है, स्कूली बज्चों-राहगीरों व किसानों को बहुत तकलीफ हो रही है एवं रोजाना कीचड़ में गिरने से लोग घायल हो रहे है। श्री कावरे ने बताया कि गांव के लगभग १०० किसानों की खेती इस मार्ग में है और परहा लगाने का दौर तेजी से जारी है जिसमें किसानों को खेत तक पहुंचने में भारी समस्या हो रही है, ग्रामीण व स्कूली बज्चे रास्ता बदलकर आना-जाना कर रहे है। श्री कावरे ने बताया कि सड़क में कनारी मिट्टी डाली गई है जिसकी फिसलन से मुश्किल और बढ़ गई है। ठेकेदार मनमर्जी से करवा रहा कार्य- बनवासी कृषक बनवासी पंचेश्वर ने बताया कि सड़क खराब होने से ग्रामीण किसानों को खेतों में खाना लेकर आने-जाने में समस्या हो रही है साथ ही बैलगाड़ी ले जाने के दौरान दुर्घटना होने का भय बना रहता है ऐसी स्थिति में संभलकर चलना पड़ रहा है, कहीं दुर्घटना हो जाये तो समस्या हमें ही होगी। श्री पंचेश्वर ने कहा कि ठेकेदार को इस समस्या की ओर ध्यान देना चाहिये, बीच-बीच में सड़क के जो हिस्से छुट गये है उसे बनाना चाहिये, किसान अपनी समस्या को बता नहीं पा रहे है और ठेकेदार अपनी मनमर्जी से कार्य करवा रहा है, ग्रामीणों व सरपंच के द्वारा ठेकेदार से इस समस्या के त्वरित निराकरण की मांग की गई थी लेकिन किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बसों का आना-जाना बंद है - रामाजी ददिया निवासी बुजुर्ग किसान रामाजी पिता जत्तू ने बताया कि सड़क में गिट्टी-मुरूम नहीं है जिससे कीचड़ की वजह से पैदल चलने में बहुत परेशानी हो रही है, बसों का आना-जाना बंद हो जाने से पैदल जाना पड़ रहा है, सड़क इतनी खराब है कि कुछ अधिक कहना भी मुश्किल है। कीचड़ नही हटा तो जनसुनवाई में लगायेंगे गुहार - देवेंद्र बम्हनी निवासी जागरूक युवा देवेंद्र पंचबुध्दे ने बताया कि सड़क में कीचड़ की वजह से स्कूली बज्चे सायकिल से सीधे लालबर्रा नहीं जा पा रहे है बल्कि घोटी-अतरी होते हुए लगभग १० किमी. का फेरा लगाकर स्कूली बज्चे, किसान व दूध डेयरी वाले ग्रामीणों सहित राहगीरों को लालबर्रा पहुंचना पड़ता है। श्री पंचबुध्दे ने बताया कि सड़क को ठीक करने के लिये ठेकेदार से मांग की गई थी लेकिन पिछले एक महिने से बना दूंगा कहते हुए टाल रहा है, ठेकेदार के लिये कीचड़ हटाना कोई भारी काम नहीं है, यदि ठेकेदार गिट्टी बिछा दी जाती है तो सड़क आने-जाने लायक बन जायेगी। श्री पंचबुध्दे ने कहा कि यदि कीचड़ नही हटा तो सरपंच व ग्रामीणों के साथ जनसुनवाई में गुहार लगाई जायेगी। कमिशनखोरी के चक्कर में चुप बैठे है केबिनेट मंत्री - राकेश जिला पंचायत सदस्य राकेश डहरवाल ने बताया कि अमोली से समनापुर रोड से पैदल चलना मुश्किल है, ठेकेदार द्वारा रोड की ऐसी गत मचा दी गई है कि क्षेत्रीय ग्रामीणजन बहुत परेशान है। श्री डहरवाल ने बताया कि किसानों के खेतों में पानी जमा हो गया है जिससे खेती कार्य बाधित हो गये है वहीं सड़क निर्माण संबंधी कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है, हमारे द्वारा संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है, ठेकेदार से बात करने का प्रयास किया गया तो उनके सुपरवाइजर द्वारा कहा गया कि ठेकेदार तो आता ही नहीं है वे खुद ही कार्य करने के लिये सक्षम है। श्री डहरवाल ने कहा कि सड़क का निर्माण नेताओं के दबाव में हो रहा है जो स्पष्ट नजर आ रहा है, यह केबिनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन का विधानसभा क्षेत्र है और उनके क्षेत्र में इस तरह से काम चल रहा है लेकिन उन्हें दिखाई नहीं दे रहा है, इन हालातों के बारे में मंत्री गौरीशंकर बिसेन को सब मालूम है लेकिन कमीशनखोरी के चक्कर में मुंह बंद है, वे अधिकारियों से दबे हुए है इसलिये मुंह छिपाये बैठे है। श्री डहरवाल ने कहा कि रोड में कनारी मिट्टी डाली गई है जो बारिश की वजह से कीचड़ में तब्दील हो गई है, कुछ जगह सीसी रोड बनते नजर आ रही लेकिन गुणवतता के अनुरूप नहीं बनाई जा रही है, सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया है, यदि सप्ताह भर के अंदर में प्रशासन द्वारा रोड का सुधार कार्य नहीं करवाया गया तो क्षेत्रीय ग्रामीणजनों के साथ उग्र आंदोलन किया जायेगा। इनका कहना है 'तीन स्थानों पर कीचड़ जमा होने के कारण मार्ग पर आवागमन बंद है जिसमें ठेकेदार की मशीनें भी फंसी हुई है, ढूटी नहर की पुलिया एवं बम्हनी नाले के पुल के आसपास कोई काम नही करवाया गया है, जैसे ही मौसम खुलेगा वैसे ही कीचड़ को हटवाकर गिट्टी डलवा दी जायेगी एवं जल्द ही मौके पर पहुंचकर हालातों का जायजा लिया जायेगा।Ó इरफान अख्तर असिस्टेंट रेसिडेंस इंजीनियर एमपीआरडीसी लगभग १० एकड़ खेती डूब की चपेट में .... ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही का खामियाजा अमोली, ददिया व बम्हनी निवासी किसानों को भुगतना पड़ रहा है, दौरे में पदमेश की टीम ने पाया कि सड़क निर्माण करते समय दोनों ओर स्थित खेतों के लेवल के अनुसार पानी निकासी हेतु पाइप ना लगाये जाने के कारण लगभग १० एकड़ खेती डूब में आ गई है, खेत में चारों ओर पानी ही पानी भरा हुआ है जिससे अब किसानों को यह समझ नही आ रहा है कि वे अपने खेतों में परहा कैसे लगायें। चर्चा में किसानों ने बताया कि ठेकेदार के द्वारा रोड में छोटे पाइप जमीन के ऊपरी भाग में लगाये गये है जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है, ऐसी स्थिति में यदि बारिश अधिक होती है तो १५ से २० एकड़ के रकबे में पानी भर जायेगा जिसके पश्चात पानी निकालने के लिये सड़क को काटने के अलावा उनके पास और कोई रास्ता नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते पानी निकासी की समस्या को हल नहीं किया गया तो मजबूरन उन्हें सड़क काटना पड़ेगा जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन व ठेकेदार की होगी।

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