Balaghat Express
July 16, 2018   02 : 41 : 35 AM

सरस्वती जनजाति संस्कार केन्द्र के आचार्य, दीदीयों की आवर्ति बैठक संपन्न

Posted By : Dinesh Ramtekkar

लांजी (पद्मेश)। विद्याभारती महाकौशल वनांचल शिक्षा सेवान्यास जबलपुर द्वारा संचालित सरस्वती जनजाति संस्कार केन्द्र के द्वारा सत्र 2018-19 की दो दिवसीय प्रथम आचार्य आवर्ति बैठक संपन्न हुई। बैठक में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व विधायक रमेश दिलीप भटेरे, कार्यक्रम अध्यक्ष कपिल अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि विजय रामटेक्कर जिला संयोजक जनजाति संस्कार केन्द्र, श्रीमती उषादेवी पशीने जिला संयोजिका, भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष आलोक चौरसिया, प्राचार्य अरूण कुमार ङ्क्षसह सरस्वती विद्यालय लांजी, जयपाल पुष्पतोडे जनजाति

िक्षा जिला समन्वयक सहित जनजाति संस्कार केन्द्र के आचार्य एवं दीदीयों की उपस्थिती में दो दिवसीय बैठक संपन्न हुई। कार्यक्रम अन्तर्गत सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों के द्वारा मॉ सरस्वती, मॉ भारती के छायाचित्र के पर माल्यार्पण, मंत्रोच्चारण सहित दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की शुरूवात की गई। विद्याभारती की परंपरानुसार प्रार्थना कर कार्यक्रम को गति प्रदान की गई। बैठक में उपस्थित जयपाल पुष्पतोडे जनजाति शिक्षा जिला समन्वयक के द्वारा अतिथि परिचय सहित कार्यक्रम की रूपरेखा रख जानकारी देते हुये आचार्यो को वार्षिक कार्ययोजना के बारे जानकारी दी गई। इसी कडी मेंं मंचासीन आलोक चौरसिया के द्वारा कहा गया की आप जनजाति संस्कार केन्द्र के आचार्य दीदीयों के द्वारा जो वंनाचल क्षेत्र के शिक्षा प्रदाय की जा रही है एक सराहनीय कार्य है हमारे लिये गर्व की बात है कि निस्वार्थ भाव के साथ आप लोग वनांचल क्षेत्र के छात्र- छात्राओ को शिक्षित कर रहे है। सरस्वती विद्यालय के प्राचार्य अरूण कुमार सिंह ने बताया सर्वप्रथम सरस्वती विद्यालय की नींव के बारे में बताया की 1952 में सबसे पहले उत्तरप्रदेश के गोरखपुर में सरस्वती विद्यालय प्रारंभ हुआ तत्पश्चात सन् 1959 मे मध्यप्रदेश के रीवा जिले सरस्वती विद्यालय प्रारंभ किया गया। उक्त विद्यालय की नींव ही सेवा समर्पण के लिये रखी गई थी, विद्यालय में अनुशासन सहित सेवा भाव भी सिखाया जाता था जिससे आगे चलके विद्यालय में अध्ययनरत प्रत्येक छात्र छात्राऐं सेवा भाव के साथ कार्यकरें। आज आप लोग जो कार्य कर है वह अतिउत्कृष्ट कार्य है जो वनांचल क्षेत्रो के हमारे भैया बहिन शिक्षित हो रहे है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुर्व विधायक रमेश भटेरे के द्वारा स्वामी विवेकानन्द जी के द्वारा कहा गया था वसुधैव कुटुम्बकम यह धरती हमारा एक परिवार है। हमे इन जात पात के चक्करो से दुर रहकर मानसिक शिक्षा का विकास करना है। आज कार्य कोई बुरा नही होता है हम कितने अच्छे से वह कार्य करते है यह एक सवाल है। आज हमे परमात्मा ने मनुष्य यौनी दी है तो हमारा फर्ज है की हम कुछ ऐसा करे की लोग हमे भी याद करें। आज भारतीय समाज के मुल से हम लोग दुर है। हमारा मुल हमारी संस्कृति है, हमारा संस्कार है। हम सबका मुल है राष्ट्रीय स्वयं सेवक। और आप लोग इस बात को चरितार्थ कर रहे हो, इस उपक्रम की सफलता के पीछे का सराहनीय योगदान है। यह एक उत्कृष्ट कार्य है जो आप लोगो के द्वारा किया जा रहा है, आज आप लोगो की वजह से आज वनांचल, दुरस्थ अंचल का प्रत्येक बच्चा अच्छे से शिक्षित हो पा रहा है।

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