Balaghat Express
November 01, 2018   02 : 11 : 54 AM

संदेश पढ़ना नहीं, व्हाट्सएप पर संदेशों का स्रोत पता लगाना उद्देश्य

Posted By : Admin

नई दिल्ली। सरकार ने स्पष्ट किया है कि व्हाट्सएप संदेश पढ़ना उसका मकसद नहीं है, बल्कि वह केवल संदेशों का स्रोत, उन्हें भेजने वालों और स्थान की पहचान जानने की इच्छुक है। सरकार की रुचि केवल उन्हीं संदेशों की जानकारी हासिल करना है, जो हिंसा भड़काने या जघन्य अपराध करने के लिए उकसाते हैं। भारत दौरे पर आए व्हाट्सएप के वाइस प्रेसिडेंट क्रिस डेनियल्स ने बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद से मुलाकात की। बैठक के बाद संवाददाताओं को बातचीत का ब्योरा देते हुए प्रसाद न

कहा कि जब हम संदेशों के स्रोत जानने की बात करते हैं, तो हम उन्हें पढ़ने की बात नहीं करते। हम तो सिर्फ ऐसे संदेश भेजे जाने की लोकेशन और भेजने वालों की पहचान जानने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप की टीम ने सरकार को आश्वस्त किया है कि वे इस मसले पर काम कर रहे हैं। सरकार लंबे समय से फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप पर दबाव बनाए हुए है कि वह संदेशों के स्रोत बताने संबंधी तंत्र स्थापित करे। व्हाट्सएप के जरिये भेजे गए भड़काऊ संदेशों के बाद पिछले कुछ महीनों में हुईं हिंसा की घटनाओं के बाद सरकार ने यह कदम उठाया था। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने व्हाट्सएप को दो बार नोटिस जारी कर न केवल भारत में एक शिकायत अधिकारी नियुक्त करने को कहा था, बल्कि संदेशों का स्रोत पता लगाने का तंत्र विकसित करने को भी कहा था। हालांकि, व्हाट्सएप शिकायत अधिकारी की नियुक्ति के लिए तो तैयार हो गया है, लेकिन संदेशों के स्रोत के मामले में वह ग्राहकों की निजता का हवाला देकर टालमटोल कर रहा है। सरकार ने फिर की शिकायत अधिकारी नियुक्त करने की मांग प्रसाद ने कहा कि क्रिस डेनियल्स के साथ बातचीत में इन सभी मुद्दों को उठाया गया। बैठक में सरकार की तरफ से भारत में शिकायत अधिकारी की नियुक्ति करने की मांग भी दोहराई गई। प्रसाद ने बैठक में माना कि व्हाट्सएप चुनाव के दौरान संदेश भेजने का एक अहम जरिया है।

bgt 04

आज का वीडियो

bgt 03