Balaghat Express
October 05, 2017   01 : 31 : 24 AM

जिला चिकित्सालय प्रब΄धन के खिलाफ ह΄गामा

Posted By : Akhilesh Jaiswal

बालाघाट(पद्मेश)। जिला अस्पताल में बुधवार को अस्पताल में भर्ती करीब आधा दर्जन मरीजों को बगैर उचित इलाज किये छुट्टी दिये जाने को लेकर मरीजों के परिजनों ने मरीजों के साथ जिला अस्पताल के गेट पर जमकर हंगामा मचाते हुये करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते आक्रोश व्यक्त किया। उन्होने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिला अस्पताल की व्यवस्था को दुरूस्त करते हुये लापरवाह चिकित्सकों पर उचित कार्यवाही की जाये। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्

ा में इजाफा होने और कटंगी में बड़ी संख्या में स्वाईन फ्लू के संभावित मरीजों के जिला अस्पताल पहुंचने की जानकारी लगने पर जिला अस्पताल प्रबंधन के द्वारा अस्पताल में भर्ती उन मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया जिन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी और जो दवा के माध्यम से स्वस्थ्य हो सकते थे, लेकिन जिला अस्पताल से डिस्चार्ज किये गये मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन के इस कदम पर आपत्ति जताते हुये जिला अस्पताल के सामने मोर्चा खोलते हुये करीब एक घंटे तक जमकर प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। जिला अस्पताल से डिस्चार्ज मरीजों ने किया प्रदर्शन ४ अक्टूबर को जिला अस्पताल के गेट के सामने अस्पताल प्रबंधन द्वारा डिस्चार्ज किये गये मरीजों ने अपने परिजनों के साथ मोर्चा खोलते हुये अस्पताल के कुछ चिकित्सकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुये उन चिकित्सकों पर कार्यवाही करने की मांग की। भण्डारपुर की पेट के रोग से पीडि़त महिला रामप्यारी ने बताया कि वह भण्डारपुर से अकेले पेट दर्द का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंची थी जिसे चिकित्सकों ने अस्पताल के महिला वार्ड में भर्ती किया था लेकिन आज उसे जबरन जिला अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया जबकि उसके स्वास्थ्य में किसी भी प्रकार का सुधार नहीं आया है। हाथों में आईव्ही सेट बांधे मरीजो ने किया विरोध जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को चिकित्सकों के द्वारा डिस्चार्ज तो कर दिया गया लेकिन मरीजों के हाथों में लगे आईव्ही कैनुला को नहीं निकाला गया जबकि मरीजों को डिस्चार्ज किये जाने के बाद आईव्ही केनुला को वार्डवाय या स्टाफ के कर्मचारियों के द्वारा विधिवत निकाल दिया जाता है। वहीं बगैर उचित इलाज के अस्पताल से छुट्टी दिये जाने से आक्रोशित मरीजों ने आईव्ही कैनुला लगे हाथों से ही जिला अस्पताल में चिकित्सकों का विरोध किया। चिकित्सकों ने जबरन कर दिया डिस्चार्ज-राधाबाई लालबर्रा निवासी राधाबाई राजुलकर ने बताया कि उसके पूरे शरीर में जलन होने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन आज उसे डॉक्टरों के द्वारा बगैर इलाज के डिस्चार्ज कर दिया गया जबकि उसे कोई आराम गया जबकि उसे कोई आराम नहीं मिल पाया है। चिकित्सक बरत रहे लापरवाही-परिजन नेवरगांव लालबर्रा निवासी संजय तुलसीकर ने जिला अस्पताल के चिकित्सकों पर आरोप लगाते हुये कहा कि जिला अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को चेक नहीं किया जाता वे कभी मरीजों को छुने तक की जहमत नहीं उठाते। वहीं दूसरी ओर शासन गरीबों से कहती है कि जिला अस्पताल में निशुल्क बेहतर उपचार कराओ, श्री तुलसीकर ने बताया कि उसने अपने मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन बुधवार को जहां डॉक्टर तिडगाम के द्वारा उनके मरीज को छुट्टी दे दी गई। वहीं डॉक्टर अशोक लिल्हारे द्वारा ब्लड और शुगर की जांच के लिये कहा गया था लेकिन उनके द्वारा भी जबरन मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया। जबकि मरीज को किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाया है, वहीं पाथरवाड़ा की महिला सुन्नीबाई ने बताया कि उसे काफी दिनों से सीने में दर्द और बुखार की शिकायत थी जिसके चलते उसे जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था लेकिन डॉक्टर अशोक लिल्हारे द्वारा जबरन उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया लेकिन वह तबतक अस्पताल से नहीं जायेगी जबतक उसका सही ढंग से इलाज नहीं किया जाता। चिकित्सकों द्वारा मरीजों की तकलीफ को किया जा रहा दरकिनार-मनोरमा नागेश्वर समाजसेवी मनोरमा नागेश्वर ने बताया कि जब वह ट्रामा सेंटर में थी तब उसे जानकारी प्राप्त हुई कि मरीजों को बगैर इलाज किये अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा रहा है तो उन्होने इस संबंध में डॉ. अशोक लिल्हारे से चर्चा की तो उन्होने कहा कि कटंगी से स्वाईन फ्लू के संभावित मरीज आने वाले है जिसके चलते मरीजों को छुट्टी दी जा रही है, जोकि गलत है जिसके विरोध में यह प्रदर्शन किया गया है। मामले की होगी जांच-आरएमओ इस संबंध में आरएमओ अरूण लांजेवार ने बताया कि मरीजों की संख्या जिला अस्पताल में अपेक्षाकृत काफी अधिक बढ़ चुकी है, वहीं कटंगी से स्वाईन फ्लू से संभावित मरीजो के पहुंचने की जानकारी लगी है, जिनके लिये आईसोलेशन कक्ष बनाया जाना है, जिसके चलते ऐसे मरीजों को छुट्टी दी जा रही है जो साधारण बिमारी के चलते अस्पताल में भर्ती है। वहीं चिकित्सकों पर लगाये आरोप के संबंध में उन्होने जांच किये जाने की बात कही है। वहीं आईव्ही सेट के संबंध में आरएमओ श्री लांजेवार ने कहा कि जल्दबाजी में मरीजों को डिस्चार्ज स्लिप दी गई होगी लेकिन आईव्ही केनुला को निकालकर ही मरीजों को रवाना किया जाता है।

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