प्रदेश भर के पटवारी बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी काम नहीं करेंगे। इन्होंने मंगलवार से कलमबंद हड़ताल शुरू की है। इनकी हड़ताल की वजह से भोपाल समेत प्रदेशभर के तहसील कार्यालयों में जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बही बनाने के काम प्रभावित हो रहे हैं। भोपाल समेत प्रदेश भर में 5000 हजार से अधिक लोग तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे और शाम को बिना काम कराए लौटना पड़ा। अभी कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है, इसलिए जाति प्रमाण पत्र जरूरी है, जो नहीं बन पा रहे हैं मंगलवार को भोपाल समेत प्रदेश भर के पटवारियों ने अपने-अपने बस्ते तहसीलदार कार्यालय में जमा कर दिए थे। ये पूरे दिन ड्यूटी पर रहे, लेकिन काम नहीं किया था। तहसील कार्यालयों में जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जमीन की बही बनवाने पहुंचने वाले 500 से अधिक लोग परेशान होते रहे। यही हाल प्रदेश के जिला मुख्यालयों में रहा है। लोगों को पटवारियों से जुड़े कामों के लिए चक्कर लगाने पड़े हैं।मप्र पटवारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत घोष का कहना है कि हजारों लोग परेशान हुए हैं। पटवारियों का मकसद परेशान करने का नहीं है, लेकिन सरकार हमारी मांगों की सुनवाई ही नहीं कर रही है। बता दें कि प्रदेश भर के पटवारी गृह जिलों में तबादला चाहते हैं। ग्रेड-पे 2100 से बढ़ाकर 2800 करने, समयमान वेतनमान का पुन: निर्धारण करने की मांग कर रहे हैं। प्रदेश भर में पटवारियों के 19 हजार पद स्वीकृत है। इनमें से 17 हजार पदों पर पटवारी कार्यरत हैं।